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गुरुवार, 8 अक्टूबर 2015

क्यों

इतना मौन
क्यों ?
जवाब दो ।

टुकड़ों टुकड़ों
बँटी हसरतें
क्यों ??
जवाब दो ।।

गौरवशाली इतिहास
सीने से लगाए
जर्जर वर्तमान
क्यों ?
क्यों ??
क्यों ???
जवाब दो ।।।

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खुशियों भरे हुए पल यहाँ बिताने का धन्यवाद । आभार ।।

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"  कर जोरि " प्रयाग जी में लेटे हुए श्रीराम भक्त ' श्री हनुमान जी '

शनिवार, 22 अगस्त 2015

पुनः

जीवन
एक जुनून
जीवन
एक ज्योति
जीवन
एक आनन्द
परम आनन्द;
फलता
और
फूलता ।
जीवन जीने का कोई अवसर मत जाने दो ।
शास्त्रों से पूछ पूछ नियम बनाना छोड़ो ।।
तुम तुम हो
और
कृष्ण कृष्ण ;
राम राम हैं
और
तुम भी तो नहीं हो कम इंसान ।
इसलिए
गिरा दो
सारी आज्ञाकारिता को
और
पुनः प्राप्त करो
स्वयं को । ।