बहुत खूबसूरत है
जिंदगी ;
जिंदगी
बहुत खूबसूरत है ।
सुबह से शाम तक
शाम से रात तक ;
बहुत सुहावनी है जिंदगी ।
कौन करता आपको प्यार
प्यार से नहीं करता इनकार ;
ये खूबसूरत जिंदगी ।
बहुत खूबसूरत जिंदगी ।।
पर
जब आग से
दामन
लगे सुलगने
नफरतों के धर्म
लगें फैलने
सुबह से शाम तक
शाम से रात तक
सम्प्रदायों के ज्वालामुखी
उगलते हों बारूद
लोक के मंदिर में
बिछती बाजी
मौन हंगामी
तब भी
आपको
कौन करता प्यार
प्यार से नहीं करता इनकार
यही खूबसूरत जिंदगी ।
यह जिंदगी
जो
जीते हैं
खुद से प्यार करते हैं
दिलों में
नफरत नहीं
प्यार भरते हैं
बारूद नहीं
मुस्कान बिखेरते हैं
सुबह से शाम तक
शाम से रात तक
बहुत खूबसूरत है जिंदगी
जिंदगी बहुत खूबसूरत है । ।
गुरुवार, 20 अगस्त 2015
जिंदगी
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