28 अगस्त को भारतीय उपमहाद्वीप के महान कवि गोरखपुरी का जन्म हुआ था । फिराक परम्परा की गहरी समझ और आधुनिक संवेदना के मेल की वजह से न केवल अद्वितीय कविता की रचना कर पाए बल्कि बाद के कवियों के लिए भी एक मिसाल बने रहे ।उनके बाद की उर्दू की कविता पर सबसे गहरा असर फिराक का ही है ।
प्रस्तुत हैं फिराक के कुछ अश्आर .......
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें