आँखें आंसू भरी, पलकेंबोझल घनी जैसे झीलें भी हों नरम साये भी वह तो कहिये कि उनको हँसी आ गई बच गये आज हम डूबते डूबते https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=10208821333354554&id=1350227529 गौरा गोयल
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