सितारा जो टूटा मेरे आस्मां का, सर्द रात को अंगीठी में धुआं होगा
चूल्हे की लकड़ियाँ गीली होंगी, खाली घड़ा और भरा खारा कुआं होगा
~ Rahi की फेसबुक वाल से साभार https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1084256484958042&id=1017227968327561
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें